वर्ण पिरामिड -अभिलाषा चौहान
(श्राप) है श्राप अधर्मी दुराचारी दुष्ट-प्रवृति स्वार्थ से ग्रसित सिसके मानवता। ________________________ (दुष्ट) है दुष्ट कलंक जड़ काटे समाज त्रस्त नैतिकता ध्वस्त मानवता पीड़ित। ________________________ (दुख) है दुख तिमिर झंझावात विधि-प्रहार कठोर-आघात दुर्दिनों की आहट। ________________________ (शूल) है शूल गरीबी आरक्षण बेरोजगारी जातिगत-भेद दलीय राजनीति। ________________________ (राह) है राह जीवन कष्टकारी संघर्ष-अति उद्देश्य-कठिन संसार का समर। है राह सुगम ईश-भक्ति बंधन-मुक्ति देह-आवरण मोह-माया संसार। ________________________ (सूर्य) है सूर्य पालक संचालक संसार-सृष्टि जीवन-आधार अंधकार-संहार। ________________________ (दान) है दान महान परमार्थ परोपकार मानव-कल्याण समत्व का प्रसार। ________________________ (श्रम) हो श्रम सेवार्थ परमार्थ परोपकार मानव-कल्याण जगत का उत्थान। है श्रम सार्थक स्वाभिमान स्वावलंबन उद्देश्य फलित जीवन का आधार। ________________________ वर्ण पिरामिड सात पंक्तियों की छंदमुक्त रचना है। इसमें प्रथम पंक्ति में एक वर्ण,दूसरी में दो वर्ण...